मोदी राज में कम हुआ भ्रष्टाचार, भारत के रैंकिंग में जबरदस्त सुधार ! #AccheDin
जहाँ दूसरी पार्टिया मोदी को हर तरफ से घेरने की कोशिश कर रही है वही बीजेपी सरकार के लिए एक अच्छी खबर है, भ्रस्टाचार के मुदे पर सरकार को बहुत बड़ी सफलता मिली है! प्राप्त खबरों के मुताबिक अंतरास्ट्रीय संस्था ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल के करप्शन परसेप्शन इंडेक्स-2015 के आंकड़ों को देखे तो भारत के रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, भारत ने लम्बी छलांग लगायी है !
सरकार के बेहतर प्रदशन और भ्रष्टाचारियो पर लगाम लगाने की वजह से भ्रस्टाचार के इस रैंकिंग आकलन में भारत ने काफी बढ़त बनाते हुए 76 वा स्थान हासिल किया है !
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अगर पिछले दो तीन सालो के आंकड़ों को देखे तो भारत 2013 में 94 स्थान पर था जबकि 2014 में थोड़ी सुधार के साथ 85 नंबर पर पंहुचा था, जैसा की 2014 में बीजेपी के सत्ता पर काबिज होने के बाद से मोदी सरकार ने भरस्टाचार पर निरन्तर अंकुश लगाने की अपनी कोशिश जारी रखी है जिसके वजह से 2015 में भारत 9 पायदान की उछाल लगाते हुए 76 स्थान पर काबिज हुआ है, इसके साथ ही 38 अंक हासिल करते हुए अपने पडोशी देश चिन को भी पीछे छोड़ दिया है !
हालाँकि ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल के आंकड़ों पर नजर डाले तो हमारे बाकि के पडोसी देशो की हालत पहले जैसी ही बनी हुयी है और पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका का प्रदर्शन काफी खराब रहा है!
जर्मनी की राजधानी बर्लिन स्थित ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल संस्था ने 2015 के आंकड़ों को जारी किया था जिसमे 168 देशो को शामिल किया गया था, आंकड़ों के मुताबिक डेनमार्क लगातार दूसरी बार पहले पायदान पर बना हुआ है! वही सबसे भ्रस्ट देशो में उतर कोरिया और सोमालिया का नाम सामने आया है, जबकि चिन 83, बांग्लादेश 139 और पाकिस्तान को 117 वा स्थान हासिल हुआ है! इन सबसे अलग पडोसी देश भूटान ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 27 वा पायदान पर पहुंच चूका है!
सरकार के बेहतर प्रदशन और भ्रष्टाचारियो पर लगाम लगाने की वजह से भ्रस्टाचार के इस रैंकिंग आकलन में भारत ने काफी बढ़त बनाते हुए 76 वा स्थान हासिल किया है !
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अगर पिछले दो तीन सालो के आंकड़ों को देखे तो भारत 2013 में 94 स्थान पर था जबकि 2014 में थोड़ी सुधार के साथ 85 नंबर पर पंहुचा था, जैसा की 2014 में बीजेपी के सत्ता पर काबिज होने के बाद से मोदी सरकार ने भरस्टाचार पर निरन्तर अंकुश लगाने की अपनी कोशिश जारी रखी है जिसके वजह से 2015 में भारत 9 पायदान की उछाल लगाते हुए 76 स्थान पर काबिज हुआ है, इसके साथ ही 38 अंक हासिल करते हुए अपने पडोशी देश चिन को भी पीछे छोड़ दिया है !
हालाँकि ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल के आंकड़ों पर नजर डाले तो हमारे बाकि के पडोसी देशो की हालत पहले जैसी ही बनी हुयी है और पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका का प्रदर्शन काफी खराब रहा है!
जर्मनी की राजधानी बर्लिन स्थित ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल संस्था ने 2015 के आंकड़ों को जारी किया था जिसमे 168 देशो को शामिल किया गया था, आंकड़ों के मुताबिक डेनमार्क लगातार दूसरी बार पहले पायदान पर बना हुआ है! वही सबसे भ्रस्ट देशो में उतर कोरिया और सोमालिया का नाम सामने आया है, जबकि चिन 83, बांग्लादेश 139 और पाकिस्तान को 117 वा स्थान हासिल हुआ है! इन सबसे अलग पडोसी देश भूटान ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 27 वा पायदान पर पहुंच चूका है!

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