पंजाब इलेक्शन पर सबसे सटीक भविष्यवाणी ! जानिए किस पर मंडराए हार के ‘बादल’ ?
अगले साल होने वाले पंजाब इलेक्शन को लेकर अभी से सरगर्मियां तेज हो गई हैं, सियासी हार-जीत की भविष्यवाणियां भी शुरु हो चुकी हैं।
New Delhi Aug 30 : पंजाब इलेक्शन को लेकर अभी से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। जहां एक ओर रैलियों और घोषणाओं का दौर चल रहा है वहीं दूसरी ओर दल-बदल की सियासत भी जारी है। अब तक तमाम सर्वे हो चुके हैं। पंजाब की नब्ज टटोली जा रही है कि कौन कितने पानी में है। अलग-अलग सर्वे के अलग-अलग नतीजे देखने को मिल रहे हैं। इस बीच सट्टा बाजार भी पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर सक्रिय हो गया है। लाइक करें हमाराफेसबुक पेज
सट्टा बाजार ने भी अपना आंकलन शुरु कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि सट्टा बाजार ने पंजाब में आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें दी हैं। सट्टा बाजार में हार-जीत को लेकर अभी से दांव लगने भी शुरु हो गए हैं। सट्टा बाजार के मुताबिक पंजाब की 117 सीटों में 76 से 78 विधानसभा सीटों पर केजरीवाल की आम आदमी पार्टी जीतती हुई नजर आ रही है। सबसे ज्यादा सट्टा भी इसी पार्टी की हार-जीत पर लग रहा है।
जबकि शिरोमणि अकाली दल बादल और बीेजेपी का गठबंधन दूसरे नंबर पर खिसकता हुआ दिख रहा है। सट्टा बाजार ने एनडीए को सिर्फ 18 सीटों पर ही समेट दिया है। यानी 117 सीटों वाली पंजाब विधानसभा में सत्तारुढ पार्टी सिर्फ 18 सीटों पर ही सिमट जाएगी। जबकि कांग्रेस को भी शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी गठबंधन के पास ही लाकर खड़ा कर दिया है। सट्टा बाजार के मुताबिक यहां पर कांग्रेस को भी 18 सीटें ही मिलने की उम्मीद हैं।
हालांकि सट्टा बाजार ने पंजाब में एनडीए की लोवर लिमिट 15 पर सेट की हुई है जबकि कांग्रेस की अपर लिमिट 25 तक पहुंचा दी है। यानी सट्टा बाजार के मुताबिक किसी भी सूरत में इस बार पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी गठबंधन 18 सीटों से ज्यादा पर जीत हासिल नहीं कर पाएगी। बहरहाल ये सट्टा बाजार है जो सियासी हवा के साथ बदलता रहता है। जरुरी नहीं है कि जो भाव आज है वही भाव कल भी किसी भी पार्टी का रहे। इसलिए असली नतीजे तो तभी सामने आएंगे जब यहां चुनाव होंगे। हिदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमाराफेसबुक पेजऔर आप हमेंट्विटरपर भी फॉलो कर सकते हैं |
अब दलितों के हाथों से निवाला खा रहे हैं कांग्रेसी, दलित वोट बैंक के लिए कांग्रेस की नई चाल!
लखनऊ। यूपी में अपनी खोई हुई सियासी जमीन फिर से तलाशने की कोशिश में जुटी कांग्रेस तमाम कोशिशें कर रही है। इन्हीं कोशिशों के तहत अब वो दलितों पर भी डोरे डाल रही है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर कांग्रेस ने आज यूपी के अलग अलग जिलों में भीम भोज का भी आयोजन किया है।
भीम भोज के तहत आज यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने भी आज लखनऊ में दलितों के बीच जाकर उनके साथ भोजन किया। राजबब्बर ने तो दलित महिलाओं के हाथ से निवाले भी खाए। इस तरह के भीम भोज का आयोजन पूरे प्रदेश में किया गया है। कांग्रेस को उम्मीद है कि भीम भोज से उसे दलितों को रिझाने में सफलता हासिल होगी।
राजबब्बर ने भीम भोज को सियासी स्टंट मानने से इनकार किया और कहा कि भीम भोज से सामाजिक समरसता बढ़ाने में मदद मिलेगी। राजबब्बर के साथ रीता बहुगुणा जोशी और दूसरे तमाम नेता भी भीम भोज में शामिल हुए।
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ऊना में दलितों की पिटाई के मामले में बहुत जल्द बड़ा खुलासा हो सकता है। इस सिलसिले में गिरफ्तार 22 लोगों से पूछताछ और मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स से कुछ ऐसी जानकारियां सामने आई हैं जो बेहद चौंकाने वाली हैं। घटना की जांच से जुड़े सीआईडी के अधिकारी इस मामले में बेहद गोपनीयता बरत रहे हैं। इस जांच के नतीजे जल्द ही गुजरात पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बता सकती है। शक की सुई सोनिया गांधी के करीबी अहमद पटेल की ओर है। इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि अहमद पटेल ने इस पूरी साजिश को अपने करीबी कांग्रेसी विधायक वंश पंजाभाई भीमभाई के जरिए अंजाम दिया। सोशल मीडिया पर पहले ही दिन से कई लोग यह बात खुलकर लिख रहेहैं कि जिस तरीके से यह मामला हुआ है उसमें कहीं न कहीं अहमद पटेल की छाप दिखाई दे रही है। अब यह गुजरात पुलिस की सीआईडी पर है कि वो इसके पक्के सबूत निकाल पाती हैं या नहीं।
पीएम मोदी का इशारा अहमद पटेल की तरफ?
रविवार को हैदराबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रैली में खुलकर कहा कि “दलितों का ठेका लेकर बैठे कुछ लोग उन पर अत्याचार करवाकर इश्यू क्रिएट कर रहे हैं। अगर उन्हें हमला करना है तो मुझ पर करें।” हमारी जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी का इशारा दरअसल अहमद पटेल की तरफ ही है। वो अहमद पटेल और कांग्रेस को इस बात के लिए ललकार रहे थे कि दलितों को निशाना बनाने के बजाय सामने से आकर मुझे निशाना बनाओ। क्योंकि मामले की अब तक कि जांच में जो बातें सामने आई हैं वो साफ तौर पर कांग्रेस की ओर इशारा कर रही हैं। हालांकि साजिश को इतनी सफाई से अंजाम दिया गया है कि सबूतों को ढूंढने और उनके जरिए असली साजिशकर्ता तक पहुंचना बेहद पेचीदा काम साबित हो रहा है। लाइक करें हमाराफेसबुक पेज
सरपंच और विधायक के बीच 300 से ज्यादा बार बात!
ऊना के कांग्रेसी विधायक और मोटा समधियाला गांव के सरपंच प्रफुल्ल कोराट के बीच घटना से पहले एक महीने में 300 बार से अधिक बातचीत की बात सामने आई है। यह बातचीत विधायक के डायरेक्ट नंबर पर नहीं बल्कि किसी करीबी के नंबर पर हो रही थी। घटना पर हंगामा मचते ही सरपंच फरार हो गया। उसे अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है। जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक इस साजिश की कई परतें हैं, जिन्हें अभी आपस में जोड़ा जाना बाकी है। अब तक की जो जानकारियां सामने आई हैं वो कुछ इस तरह हैं। Read Also: ऐसे चल रहा है "फर्जी गौ सेवकों" का ‘धंधा’: एक गाय को 200 रु में निकालते हैं, पूरा ट्रक 2000 में पास
घटना के महीने भर पहले से सरपंच प्रफुल्ल कोराट और ऊना के कांग्रेसी विधायक फोन पर संपर्क में थे।
गांव के कई लोगों ने पूछताछ में बताया है कि सरपंच और लोकल कांग्रेसी विधायक में पहले से ही अच्छे संबंध रहे हैं।
सरपंच का दलित परिवार से झगड़ा चल रहा था। वो उन्हें जमीन खाली करने और जानवरों की खाल उतारने का काम छोड़ने के लिए धमकियां दे रहा था।
विधायक के कहने पर ही सरपंच पिछले कुछ समय से दलित बालू सरवैया के परिवार से अपने रिश्ते सुधारने में लग गया था, ताकि पहला शक उसी पर न हो।
जांच में इस बात की पुष्टि हो गई है कि घटना का वीडियो सरपंच के मोबाइल फोन से ही बनाया गया है।
सरपंच के फोन से यह वीडियो एक तेलुगु चैनल तक कैसे पहुंचा, इस बारे में कड़ियां अभी तक नहीं जुड़ पाई हैं। शक है कि सरपंच ने इसे विधायक के हवाले कर दिया था।
फिलहाल पुलिस पूरी कोशिश कर रही है कि किसी तरह सरपंच को गिरफ्तार किया जा सके।
सरपंच से पूछताछ के बाद ही विधायक से पूछताछ की जा सकेगी।
पिटाई के वीडियो में दिखे कथित गोरक्षकों को फोन करके किसने बुलाया यह भी एक रहस्य बना हुआ है। क्योंकि सभी गिरफ्तार आरोपी अलग-अलग नाम बता रहे हैं।
पिटाई में इस्तेमाल गाड़ी दमन से ऊना आई थी। दमन से ऊना की दूरी 600 किलोमीटर से ज्यादा है। इस सवाल का जवाब मिलना अभी बाकी है कि आखिर वो कौन था जिसके कहने पर 600 किलोमीटर दूर से ये कथित गोरक्षक ऊना आए थे।
आरोपियों में एक मुस्लिम लड़का भी है। उसने इस साजिश के बारे में कुछ अहम बातें जांचकर्ताओं को बताई हैं।
यह बात भी पता चली है कि पकड़े गए किसी भी आरोपी ने पहले कभी गोरक्षा के लिए मारपीट नहीं की थी। सवाल ये है कि ऐसा क्या हो गया कि उनकी हिम्मत इतनी बढ़ गई कि उन्होंने पहले गांव और फिर ऊना कस्बे में मारपीट की और उसका वीडियो भी बनाया?
आरोपी अपनी गाड़ी पर शिवसेना का नाम लिखते थे, लेकिन यह पता चला है कि उनका शिवसेना से औपचारिक तौर पर कोई लेना-देना नहीं है।
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"भगवा आतंक" - एक बड़ी राजनैतिक साज़िश, पूर्व डिप्टी NSA डॉ प्रधान का खुलासा
पहले से जानते थे कि समझौता एक्सप्रेस में धमाके होने वाले हैं चिदंबरम के गृहमंत्री बनने के बाद बदल गई जांच की दिशा
Dr SD Pradhan, former deputy NSA in conversation with Dr Praveen Tiwariलाइक करें हमाराफेसबुक पेजखुफिया विभाग के अधिकारी भी थे आश्चर्यचकित एनआईए को अपने इस्तेमाल के लिए बनाया और खास लोगों को जगह दी दिग्विजय सिंह और चिदंबरम के बीच राहुल से नजदीकियों की होड़ थी ओसाम बिन लादेन के पाकिस्तान में होने की जानकारी हमारे पास थी अमेरिका और भारत की एजेंसियों ने पाकिस्तान के बारे में इनपुट साझा किए बड़बोलेपन की वजह से प्रज्ञा, असीमानंद जैसे लोगों को शिकार बनाया गया असली मकसद संघ के आला नेताओं और मोदी तक पहुंचना था ज्वाइंट इंटेलीजेंस कमेटी के पूर्व प्रमुख और पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. एस. डी. प्रधान से एक्सक्लूसिव बातचीत- (भारतीय खुफिया एजेंसियों के लिए लगातार शोध करने वाले और कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रह चुके डॉ. एस. डी. प्रधान ने भगवा आतंक के झूठ का पर्दाफाश करते हुए एक्सक्लूसिव बातचीत में कई अहम खुलासे किए हैं…) जांच बाद की बात है, खुफिया विभाग धमाकों के पहले ही जानता था कि कौन धमाके करने वाला है.. समझौता और दूसरे धमाकों के पहले ही हमें ये खबर थी की ये धमाके होने वाले है. हमारी इंटेलीजेंस एजेंसी के लिए ये नाकामी नहीं बल्कि कामयाबी थी क्यूंकि हमने पहले ही बताया था कि धमाके हो सकते हैं. समझौता एक्सप्रेस को लेकर पर भी जानकारियां पहले ही दे दी गई थीं. इसके औपचारिक पेपर आईबी और जेआईसी के पास आज भी मौजूद है. इसके बाद अमेरिका ने भी अपनी खुफिया एजेंसियों के हवाले से ये जानकारी दी थी. आरिफ कसमानी का नाम पहले ही शेयर किया गया था और उसके बारे में भारतीय एजेंसियों के पास भी जानकारी थी. ताज्जूब की बात ये है कि इन पूरी जानकारियों को नजर अंदाज कर जांच की दिशा ही बदल दी गई. एनआईए के हाथ में केस आया और सबकुछ बदल दिया गया. समझौता और इशरत जहां दोनों ही मामलों को साफ साफ बदला गया.. समझौता ब्लास्ट की जांच में तो बिलकुल साफ है कि जांच को साफ साफ बदला गया और इसी तरह इशरत जहां के मामले में भी सबकुछ बदल दिया गया. अगस्त 2009 में जो फाइलें आई थी वो सितंबर-अक्टूबर में पूरी तरह बदल दी गईं. पहले ही जांच की फाइलें आ गई थीं लेकिन बाद में उन्हें किसी खास मकसद से बदल दिया गया. 2004 में जब ये सब हो रहा था तब में ज्वाइंट इंटेलीजेंस कमेटी के साथ एडीशनल सेक्रेटरी के तौर पर जुड़ा था और मैंने सारी रिपोर्ट्स देखी थीं. यही नहीं हम लोग अहमदाबाद भी गए थे क्यूंकि इन लोगों के बारे में पहले से ही जानकारियां थी. ये सब अचानक नहीं हुआ था बहुत दिनों से इंटेलीजेंस एजेंसीज नजर बनाए हुए थीं. इशरत जहां का नाम लश्कर की वेब साइट पर भी था. 2009 के चुनाव के बाद से ही 2014 की तैयारियां शुरू हो गई थीं.. 2009 के इलेक्शन में यूपीए की जीत हुई लेकिन उन्हें ये पता था कि आने वाले चुनाव में मोदी और संघ बड़ी चुनौती बनकर उभरेंगे. यही वजह है कि इस जीत के कुछ समय बाद ही भगवा आतंक शब्द का इस्तेमाल किया गया. ये शब्द भी किसी और ने नहीं गृह मंत्री चिदंबरम ने संसद में कहे, इसकी उस वक्त कड़ी आलोचना भी हुई थी. इसके बाद से लगातार जांच बदलती चली गई और इशरत जहां और समझौता ब्लास्ट दोनों की जांच में एक नया मोड़ दे दिया गया. इस मामले पर अपने दूसरे साथियों से भी मेरी बातचीत होती रही. वो भी आश्चर्य चकित थे कि आखिर ये हो क्या रहा है? इसकी जांच चलती रही लेकिन इसमें कुछ नहीं मिल रहा था. खुफिया विभाग के साथियों ने भी तब बताया था कि इस मामले में इंडियन्स के खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं. समझौता में 100 फीसदी पाकिस्तानी हाथ और मालेगांव में 99 फीसदी मालेगांव में धमाके के दौरान कुछ इंडियन्स भी शामिल हो सकते हैं. ये स्लीपर माड्यूल्स होते हैं और इन्हें अलग अलग कामों के लिए एक्टिवेट किया जाता है. इनका काम विस्फोटकों को इधर से उधर ले जाने भर तक सीमित है. इन्हें खुद भी पता नहीं होता है कि पूरा प्लान क्या है इसीलिए मैं मालेगांव में 99 फीसदी पाकिस्तान समर्थित आतंकियों का हाथ होने की बात कह रहा हूं. हो सकता है कुछ इंडियन मॉड्यूल्स का इस्तेमाल आतंकियों ने इन धमाकों में किया हो लेकिन समझौता ब्लास्ट में सौ फीसदी पाकिस्तान का हाथ था इसके पुख्ता सबूत हमारे पास हैं. हमारी अपनी रिपोर्ट्स थी और साथ ही साथ अमेरिकी खुफिया एजेंसियां भी इस बात को पुख्ता कर रही थीं. बयानों को पिरोकर मामला बनाने की राजनैतिक साजिश अभिनव भारत जैसी संस्था उग्र विचारधारा की रही है. धमकी देना और बड़बोलापन दिखाकर बम का बदला बम से लेने की बात करना उनका तरीका रहा है. ऐसी बहुत सी संस्थाएं और लोग हिंदुस्तान में हैं लेकिन धमकियां देना और आतंकी हमला करने में बड़ा फर्क है. ये लोग बोलते जरूर है लेकिन इनके पास ऐसा करने की कोई सलाहियत ही नहीं है. इनकी बातों के बारे में तो जानकारियां मिली लेकिन इनकी किसी प्लानिंग के बारे में जांच एजेंसियों को कभी कोई सबूत नहीं मिले. इनके सीधे सीधे धमाकों से जुड़े होने का भी कोई सबूत नहीं मिला. इकबालिया बयानों के आधार एक दूसरे के खिलाफ बुलवाकर इस पूरी कहानी को खड़ा कर दिया गया. जहां तक समझौता का सवाल है वहां तो किसी का भी किसी तरह का कोई इन्वॉल्वमेंट हो ही नहीं सकता. इस जांच की दिशा को राजनीति से प्रेरित होकर बदल दिया गया. इंद्रेश कुमार और मोहन भागवत तक पहुंचने की कोशिश की जा रही थी सिमी के आतंकियों का एक बार फिर से नार्को टेस्ट हाल ही में हुआ और उसमें भी ये साफ हो गया है कि समझौता ब्लास्ट को कैसे अंजाम दिया गया था. उनका ये कबूलनामा धमाकों के बाद ही सामने आ गया था लेकिन राजनीतिक फायदे के लिए जांच को एक अलग दिशा देने का काम किया गया. बड़े परिप्रेक्ष्य में देखें तो 2009 में इन्होंने सिर्फ संघ को फंसाने के लिए समझौता और इशरत जहां मामले सामने रखे थे. इन्हें डर था मोदी से और यही वजह है कि पहली बार खुद गृह मंत्री ने भगवा आतंक शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे कड़ी निंदा के बाद उन्हें वापस लेना पड़ा था. मैं चिदंबरम को जानता हूं वो बहुत शार्प हैं मैंने कई मीटिंग्स के दौरान चिंदबरम को देखा है और उनके काम को नजदीक से समझने का मौका भी मिला है. मैंने उन्हें 2004 से जानता हूं और एक बात उनके बारे में साफ तौर पर कह सकता हूं कि वो बहुत शार्प और इंटेलीजेंट हैं. लेकिन उन्होंने अपनी इंटेलीजेंस गलत जगह लगाई थी. वो वकील भी हैं इसीलिए सभी मामलों को खुद ही कानूनी तौर पर बनाने में जुटे हुए थे. उन्हें शिवराज पाटिल को हटाकर लाया गया था. पाटिल सीधे आदमी थे वो चाहे जो हो जाता इस तरह की साजिश में शामिल नहीं होते. वो बैलेंस में विश्वास करने वाले इंसान थे. लेकिन वकील चिंदबरम तो कानूनी तरीके से इस मामले को भगवा रंग देने में जुटे थे. एनआईए में भी इन्हीं के द्वारा चयनित लोगों को रखा गया था. एनआईए बनाने के पीछे भी चिदंबरम का खास मकसद था एनआईए के एक एक अधिकारी का चयन चिदंबरम के इशारे पर हुआ था. उनके इशारों पर काम करने वाले खास लोगों को इसमें जगह दी गई थी. चिदंबरम की इस बात को लेकर भी आलोचना हुई थी कि वो सीनियर्स के बजाय कई जूनियर्स को तवज्जो दे रहे हैं. यहां भी उनकी मंशा सवालों के घेरे में थीं क्यूंकि वो शायद ऐसे लोग चाहते थे जो उनके इशारे और एजेंडे पर काम करें. ऐसे भी कई लोग रहे जो पहले एनआईए में सीनियर पद पर आए और फिर बाद में उन्हें कई दूसरे महत्वपूर्ण पद दे दिए गए. ये उन्हें फायदा पहुंचाने का इशारा भी करता है. अमेरिका भारत को क्यूं देता था जानकारियां अमेरिका पाकिस्तान की चालाकी से वाकिफ था लेकिन अफगानिस्तान में अपनी लड़ाई के लिए पाकिस्तान उसकी मजबूरी था. लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की नजर आईएसआई की हर गतिविधि पर थी. अमेरिका का खुफिया नेटवर्क पाकिस्तान में बहुत मजबूत है. पाकिस्तान में आईएसआई की साजिशों के बारे में वो समय समय पर भारत को जानकारियां देता रहा है. समझौता ब्लास्ट की जानकारी भी ऐसी ही एक जानकारी थी साथ ही हमारी खुफिया एजेंसियों के पास भी इसके इनपुट्स पहले से ही थे. 2009 में 7 अमेरीकी एजेंट मारे गए थे और जनवरी 2010 के एक सीक्रेट केबल से ये साफ है कि इसके लिए आईएसआई ने आर्थिक मदद की थी. अमेरिका ये सब जानता था लेकिन उसकी मजबूरी थी कि पाकिस्तान को साथ लेकर चलना है लेकिन वो भारत को सारी जानकारियां देता रहता था. कसमानी के बारे सारी जानकारियां मौजूद थीं. खासतौर पर उसकी फंडिंग के बारें में अहम जानकारियां थी. क्यूंकि अमेरिका का पाकिस्तान में डीप पेनेट्रेशन है और वो साथ मिलकर अफगानिस्तान में काम करते हैं इसीलिए भी अमेरिका के पास ज्यादा भीतर तक की जानकारियां होती हैं. वो हमें हर मीटिंग और आतंकियों के मंसूबों के बारे में बताते रहते थे. लादेन के पाकिस्तान में होने की जानकारी भारत ने अमेरिका को दी जानकारियां हम भी अमेरिका को मुहैया कराते रहे हैं. मुझे याद है 2006-2007 के आस पास दो अहम मीटिंग्स पाकिस्तान में हुई थी. इनमें जवाहिरी और ओसाम का सिपहसालार मुल्ला उमर शामिल थे. ये लोग मीटिंग खत्म होने के बाद रावलपिंडी जाते थे और वहां से गायब हो जाते थे. हमें तभी शक हो गया था कि ओसामा बिन लादेन रावलपिंडी के आस पास ही है. ये जानकारी हमने अमेरिका के साथ साझा की थी और बहुत मुमकिन है इसी को आगे डेवलप कर अमेरिका ने ओसामा का सफाया कर दिया. इसी तरह उन्होंने कसमानी के रोल के बारे में हमें कई बार बताया था. दरअसल अमेरिकी खुफिया एजेंसी के एजेंट पाकिस्तानी भी हैं जो उन्हें खबर देते रहते हैं. हम लोगों को उनके मुकाबले जरा कम जानकारियां होती थी. समझौता एक्सप्रेस के बारे में हमें भी जानकारियां थी लेकिन अमेरिकी एजेंसी ने और पुख्ता तौर पर जानकारियां दी थी कि इसमें भी आरिफ कसमानी का अहम रोल है. दिग्विजय सिंह और चिदंबरम के बीच की खींचतान दिग्विजय सिंह हेमंत करकरे के लगातार संपर्क में थे. यहां तक की उनकी मौत के बाद उन्होंने इसे हिंदू आतंकियों का काम तक कह दिया था. इसके बाद करकरे की पत्नि ने उनसे मिलने से भी इंकार कर दिया था. चिदंबरम की भी लाइन यही थी लेकिन सरकार में भी खींचतान थी. दरअसल दिग्विजय राहुल के नजदीक थे और चिदंबरम जानना चाहते थे कि वो राहुल को क्या जानकारियां देते हैं. इसी लिए ये खबरें भी आई कि दिग्विजय सिंह का फोन भी टैप करवाया जा रहा था. चिदंबरम को अपनी कुर्सी का खतरा भी सता रहा था. हिदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमाराफेसबुक पेजऔर आप हमेंट्विटरपर भी फॉलो कर सकते हैं |
2013 में देशद्रोही कांग्रेस ने हटाये थे दाउद पर से आतंकी आरोप.
लाइक करें हमाराफेसबुक पेजऔर आप हमेंट्विटरपर भी फॉलो कर सकते हैं | 1993 मुंबई सीरियल धमाकों के दो दशक बाद पहली बार दाऊद भारत में मुकदमे क सुनवाई को तैयार हुआ था। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दाऊद के प्रस्ताव पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के बीच भी चर्चा हुई थी। अखबार के मुताबिक इस मुद्दे पर पूर्व सुरक्षा सलाहकार का पक्ष नहीं लिया जा सका, लेकिन मनमोहन सिंह की ओर से इस बाबत ई-मेल भेजा गया, जिसमें उन्होंने लिखा है कि दाऊद के लौटने के प्रस्ताव पर किसी तरह की चर्चा होने की बात उन्हें याद नहीं है, लेकिन अखबार ने अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि डॉन के प्रस्ताव की जानकारी पहले कांग्रेस नेतृत्व को दी गई और बाद में इसकी चर्चा पीएमओ से भी हुई।जिस वकील ने दाऊद को लेकर कांग्रेस नेताओं से संपर्क साधा था वो डी कंपनी के कई मामलों को भी देख रहे हैं। अटल बिहारी वाजपई ने 2003 में दाउद को ग्लोबल आतंकी घोषित कर दिया था.लेकिन 10 साल बाद देशद्रोही कांग्रेस ने दाउद पर से सारे इल्जाम खारिज कर दिए.अटल बिहारी वाजपई जी ने अपनी पूरी मेहनत लगा दी थी दाऊद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने में परन्तु देशद्रोही कांग्रेस ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया. विकिपीडिया में भी दाउद के बारे में सारी खबरे अपडेट कर दी गयी है.देखे सबूत.
कांग्रेस कुछ नहीं सिर्फ एक आतंकी पार्टी है.खुलेआम कांग्रेस आतंकियों का साथ दे रह है लेकिन हम है की हाथ पे हाथ रखे बैठे है.अपनी आखें बंद कर रखी है हम लोगो ने. हिदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमाराफेसबुक पेजऔर आप हमेंट्विटरपर भी फॉलो कर सकते हैं |
आरक्षण के लिए हिंसा एवं दलितों पर हमले, भाजपा शासित प्रदेशों में हिन्दू वोट तोड़ने की साज़िश ?
लाइक करें हमाराफेसबुक पेज जैसे ही चुनाव आते हैं अचानक से देश में ऐसे कई कांड होने लगते हैं जिस से कि हिन्दू वोट जातियों में टूटे एवं मुस्लिम वोट एक हो जाए | अब ऐसा होने से किस पार्टी को नुक्सान है और किन पार्टियों को फायदा ये बात सभी जानते हैं | गुजरात में भाजपा को विकास के नाम पर कोई नहीं हरा सकता | तो एक नयी चाल, नया खेल शुरू हो गया | पहले पाटीदार समाज के लिए आरक्षण की मांग और उस पूरे मामले में अचानक से हार्दिक पटेल को मीडिया द्वारा हीरो बना दिया जाना, हार्दिक पटेल का आये दिन सिर्फ और सिर्फ मोदी जी एवं भाजपा पर जुबानी हमला करना, सभी मोदी विरोधी पार्टियों का हार्दिक पटेल को समर्थन देना | अब खबर आ रही है कि हार्दिक पटेल आम आदमी पार्टी ज्वाइन करेगा | शायद मोदी विरोधी पार्टियों को अंदाज़ा लग गया कि सिर्फ पाटीदार समाज को भड़काने के इस काम से भाजपा को गुजरात में नहीं हराया जा सकता तो अब ये दलितों पर हमले हो गए | कोई पार्टी इस बात की तारीफ नहीं कर रही कि गुजरात सरकार ने इस मामले पर कड़ी कार्रवाही करते हुए अब तक कई लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है | बस मोदी विरोधियों की इस मुद्दे पर भी राजनीति चल रही है | राहुल गांधी जाकर इन दलित परिवारों से मिल आये, अब सुना कि अरविन्द केजरीवाल भी जा रहे हैं | अभी तो खैर वहाँ कई और भी बड़े नेता जल्द ही पहुंचेंगे और इस जगह को जल्द ही भाजपा विरोधी राजनैतिक टूरिस्ट प्लेस बनाने की कोशिश की जाएगी | ऐसे ही खेल हरियाणा एवं राजस्थान में भी खेले गए | कुल मिलाकर इस सब का एक ही उद्देश्य है कि किसी भी तरह से भाजपा का हिंदुत्व वाला चेहरा धूमिल किया जाए, इसे सिर्फ सवर्णों की पार्टी साबित कर दी जाए और चुनावों को दलित बनाम सवर्ण, पिछड़ा बनाम अगड़ा, भाजपा बनाम मुस्लिम बना दिया जाए | खुद को दलित एवं पिछड़ों की पार्टियां बताने वाली ऐसी सभी पार्टियों से मैं पूछना चाहता हूँ कि आपकी पार्टी में कुछ ताकतवर परिवार विशेष के आलावा किस गरीब दलित या पिछड़े को बड़ा पद या मंत्रालय दिया गया ? क्या देश में सिर्फ मायावती, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव, नितीश कुमार आदि एवं इनके रिश्तेदार ही दलित या पिछड़े हैं ? इन सभी पार्टियों ने अपने सर्वे सर्वा मुख्य परिवार के आलावा किस दलित या पिछड़े का भला कर दिया ? कांग्रेस ने इतने साल देश पर राज़ किया है, कितने दलित या पिछड़े नेताओं को प्रधानमंत्री बनाया ? स्वर्गीय सीताराम केसरी जी के साथ क्या व्यवहार किया था इस पार्टी ने वो भी सभी को पता है | अब भाजपा में हम दलितों एवं पिछड़ी जाति का आंकलन करते हैं | मोदी जी एक अल्पसंख्यक पिछड़ी जाति के गरीब परिवार से हैं, आज वो देश के प्रधानमंत्री हैं और इस के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री भी रहे और उस से भी पहले भाजपा एवं संघ में महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे | मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जो कि भविष्य में मोदी जी के रिटायरमेंट लेने के बाद भाजपा में प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के प्रबल दावेदारों में से एक हैं, वो भी पिछड़ी जाति के हैं | स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे जी समेत भाजपा में और भी कई ऐसे बड़े एवं चर्चित दलित एवं पिछड़ी जाति के नेता थे और हैं जिन्हें समय समय पर भाजपा ने महत्वपूर्ण पद एवं जिम्मेदारियां दी | ये सब उस पार्टी में हो रहा है जिस पर अन्य पार्टियों द्वारा हमेशा दलित एवं पिछड़ा विरोधी होने का आरोप लगाया जाता है | “हिन्दू हिन्दू एक रहे, भेदभाव अब नहीं सहें” यह नारा संघ एवं भाजपा ने मिलकर लगाया था और हिन्दुओं में जातियों के बिखराव को ख़त्म करने के लिए प्रयास किया था | भाजपा से सभी पार्टियों की दुश्मनी का एक मुख्य कारण भाजपा एवं संघ द्वारा हिन्दुओं में जातियों के रूप में फैले बिखराव को दूर करने का प्रयास करना भी है | यदि हिन्दू जातियों का बिखराव ख़त्म करके एक हो गए तो जातियों की नाम पर बड़े बने कई नेताओं की तो राजनीति की दुकान ही बंद हो जाएगी | कौन पूछेगा उनको फिर ? अब बात करते हैं मुसलमानों की | इस देश में मुसलमानों को हमेशा डराया जाता है कि यदि भाजपा सत्ता में आई तो मुसलमानों के साथ बहुत बुरा बर्ताव करेगी | भाजपा पहले भी केंद्र में रही और आज भी है, कई राज्यों में भाजपा की सरकार है, कहाँ मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है ? गुजरात दंगों की बात करने वाले गोधरा कांड को भी न भूलें | गुजरात दंगे गोधरा कांड के बाद हुए थे और गोधरा कांड में आरोपियों में एक भी भाजपा नेता का नाम नहीं है | मोदी जी पर लम्बे समय से गुजरात दंगों में शामिल होने के आरोप लगे लेकिन आज तक कुछ भी साबित नहीं हुआ | हाँ, यह गुजरात दंगा भाजपा विरोधियों को एक ऐसा मौका लेकर आया कि समय समय पर इसे गिना कर ये लोग मुसलमानों को भाजपा के खिलाफ वोट डालने के लिए कहते हैं | हालाँकि यह बात अलग है कि गुजरात का मुसलमान भी भाजपा को वोट डाल रहा है | भाजपा ने गुजरात में कुछ तो ऐसे अच्छे विकास के कार्य किये होंगे कि गोधरा एवं गुजरात दंगों के बावजूद मुसलमान गुजरात में भाजपा के साथ जुड़ा | कई नेताओं एवं राजनेतिक दलों का एक ही उद्देश्य रहता है कि हिन्दू जातियों के नाम पर आपस में लड़ते रहे और कभी संगठित न हो पाएं तथा मुसलमान हमेशा संगठित होकर भाजपा का विरोध करें | अपनी गन्दी राजनीति के लिए समाज में जाति एवं धर्म के नाम पर लोग आपस में लड़ते रहे और इस बिखराव का फायदा ये नेता चुनावों में उठाएं | भले ही यह बिखराव आने वाले समय में देश की एकता, अखण्डता एवं सुरक्षा के लिए कितना भी खतरनाक क्यों न हो | देश इस समय एक बहुत ही निर्णायक मोड़ पर है | जनता को यह फैसला करना है कि संगठित रहकर देश को विकास की एक नयी ऊंचाई पर पहुंचाएं या फिर आपस में लड़ते रहे और इस देश के पाकिस्तान एवं अन्य ऐसे देशों जैसे ही हालात बना दें | इतिहास गवाह है, जिस देश की जनता देशविरोधी शक्तियों एवं समाज को तोड़ने वाली शक्तियों के खिलाफ एक जुट नहीं हुई, वो देश या तो गुलाम बना या फिर उस के हालात लगातार ख़राब होते चले गए | पाकिस्तान इस का एक जीता जागता उदाहरण है | मैं इस देश की जनता से यही निवेदन करूँगा कि आपस में संगठित होकर रहे, प्रेम से रहे, देशभक्त बनें और खुद से पहले देश के बारे में सोचें | तभी देश आगे बढ़ेगा और भारत एक बार फिर विश्वगुरु बनेगा |
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कांग्रेस सांसद के स्कूल में 14 हिन्दू लड़कियों का बर्बर बलात्कार, मीडिया व् नेता खामोश
महाराष्ट्र स्थित यवतमाल में जवाहरलाल दर्डा एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित यवतमाल अंग्रेजी मीडियम पब्लिक स्कूल में दो शिक्षकों द्वारा 14 हिन्दू छात्राओं के बलात्कार का मामला सामने आया है। दोनों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।
इससे पहले दोनों आरोपी शिक्षकों के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपों से घिरे संस्था के सचिव किशोर दर्डा व स्कूल के मुख्याध्यापक जेकब दास को न्यायालय ने जमानत पर रिहा कर दिया गया था। और दोनों आरोपी शिक्षकों को न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्णय सुनाया। यह स्कूल श्री जवाहरलाल दर्डा एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित किया जाता है,
अत: उल्लेखनीय है कि कोयला घोटाले के चर्चित नाम और कांग्रेस से राज्यसभा सांसद विजय दर्डा इस स्कूल की गवर्निंग बॉडी के संस्थापक हैं और औरंगाबाद (पश्चिम ) की विधानसभा सीट से पूर्व विधायक श्री राजेन्द्र जवाहरलाल दर्डा इस स्कूल कमेटी के उपाध्यक्ष हैं
कुछ यूं हुआ था मामला उजागर, प्राइमरी की एक छात्रा ने जब अपने परिजन से कहा कि स्कूल में उसका यौन शोषण हुआ है।
परिजन स्कूल पहुंचे तो स्कूल द्वारा उन्हें टालने का प्रयास किया गया। इसके बाद ऐसी 14 शिकायतें और स्कूल को मिलीं, मगर स्कूल प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद शहर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे, वाहनों में आग लगा दी गई थी। सैकड़ों लोगों ने डीएम ऑफिस तक प्रदर्शन किया और शिक्षकों के साथ स्कूल प्रशासन के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
अखिल भारत हिन्दू महासभा (युवा मोर्चा) द्वारा यवतमाल के एक इंग्लिश कान्वेंट स्कुल में 14 हिन्दू लड़कियों के साथ हुए बलात्कार का विरोध किया गया व् आरोपियों को फासी की सजा देने की मांग भी की गई। अखिल भारत हिन्दू महासभा स्थानीय नेता निखिल वर्मा ने स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ अमरावती जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कहा है कि ईसाई संस्थाओं द्वारा चल रहे प्रत्येक प्राइवेट स्कुल और कॉलेज के कमरों में सीसीटीवी कैमेरा लगाया जायें, ताकि इस प्रकार की घटना फिर से न हो और स्कुल कॉलेज में अश्लीलता पर भी रोक लग सके।
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संसद का मॉनसून सत्र अगले महीने में होने की सम्भावना है, और आशंका व्यक्त की जा रही है कि मोदी सरकार जीएसटी बिल को पास कराने में कामयाब हो जाएगी। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो वस्तु एवम सेवा कर को राज्य सभा में पास करा लिया जाएगा। मोदी सरकार का यह सबसे बड़ा बिल है जोकि लोकसभा में पास हो चूका है, लेकिन राज्य सभा में यह पास नहीं हो पाया है। भले ही देश में मोदी की सरकार है लेकिन राज्य सभा में अभी भी कांग्रेस बहुमत में है। इसलिए जीएसटी बिल को राज्य सभा में पास कराने के लिए मोदी सरकार को कांग्रेस पार्टी की सहयोग की जरुरत है। हालांकि, मोदी सरकार के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि वस्तु एवम सेवा कर को पास कराने में कांग्रेस पार्टी जरूर सहयोग करेगी क्योंकि ये बिल कांग्रेस सरकार के समय से संसद में लंबित है। इसी क्रम में मोदी सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल में पहली बार हुआ है जब कांग्रेस पार्टी की प्रमुख हस्ती प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोदी सरकार की तारीफ की है। एक न्यूज़ एजेंसी ने इस बात का खुलासा किया है कि प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोदी का समर्थन करते हुए कहा है कि वो मोदी सरकार के जीएसटी बिल के समर्थन में है, और इसके लिए उन्होंने अपने भाई और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी मनाया है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी मनाया है
जीएसटी को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा की विचारधारा कांग्रेस पार्टी के अन्य नेताओं से भिन्न है। प्रियंका की माने तो इससे देश का भला होगा। जिससे देश में रोजगार का सृजन होगा तथा विकास कार्य में तेजी आएगी। हालांकि, कांग्रेस के कई नेता प्रियंका की इस बयान से नाखुश है। पार्टी के कई दिग्गज नेताओं का मानना है कि प्रियंका में राजनीति परख की सीमा सिमित है। p आपको बता दें की प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश चुनाव में सी एम पद की उम्मीदवार बन सकती है। आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है, परन्तु आशंका व्यक्त की जा रही है कि प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस पार्टी से सीएम पद के उम्मीदवार होंगी। ऐसे में प्रियंका गांधी नहीं चाहती है कि देश और खास कर उत्तर प्रदेश की जनता को लगे कि कांग्रेस पार्टी जानबूझकर देश की प्रगति में अवरोध पैदा कर रही है। प्रियंका चाहती है कि एक साफ़ छवि लेकर वो राजनीति के मैदान में उतरें। इस संदर्भ में प्रियंका पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में है और उन्हें भी मनाने की कोशिश कर रही है। अब अगले मॉनसून सत्र में वस्तु एवम सेवा कर बिल को राज्य सभा में पास होने की पूरी संभावना है। हिदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमाराफेसबुक पेजऔर आप हमेंट्विटरपर भी फॉलो कर सकते हैं |
पीएम मोदी का पुतला फूंकने के दौरान झुलसे कांग्रेसी नेता
गाजियाबाद, 8 जून। देश में बढ़ती महंगाई के खिलाफ गाजियाबाद जिला कांग्रेस के संगठन के द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। पीएम मोदी का पुतला फूंकने के दौरान महिला मोर्चा की महामंत्री मीना वर्मा समेत दो कांग्रेस नेता भी झुलस गए। दोनों के झुलसने पर मौके पर मौजूद अन्य कांग्रेसियों ने तुरंत आग को बुझाया। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिला अध्यक्ष हरेन्द्र कसाना ने बताया कि महंगाई के विरोध में पुराना बस अड्डा पर पीएम मोदी का पुतला फूंका गया। पुतला दहन करके केन्द्र सरकार के खिलाफ कांग्रेसियों ने नाराजगी जाहिर की और अपना विरोध व्यक्त किया। कसाना के मुताबिक बढ़ती महंगाई से आम जनता त्रस्त है और मोदी सरकार के मंत्री अपनी मौज में व्यस्त हैं। मोदी का पुतला फूंके जाने के दौरान सारे कांग्रेसी फोटो खिंचवाने की कोशिश में एक-दूसरे के साथ में धक्का-मुक्की करने लगे। मेयर प्रत्याशी रहे लालमन सिंह ने बताया कि महिला मोर्चा की महामंत्री मीना वर्मा के हाथ में पेट्रोल की बोतल थी। पुतले को आग लगाने के दौरान उसमें आग लग गई। इसके अलावा एक अन्य नेता भी आग के शिकार हो गए। सभी ने मिलकर तुरंत आग को बुझा दिया। प्रदर्शन में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष नरेन्द्र भारद्वाज, माया सिंह, लालमन सिंह, पूर्व सांसद सुरेन्द्र गोयल, जितेन्द्र गौड़, लोकेश चौधरी समेत, सुभाष शर्मा समेत कई अन्य लोग मौजूद थे। हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमाराफेसबुक पेजऔर आप हमेंट्विटरपर भी फॉलो कर सकते हैं |
हिंदुओं का धर्मांतरण कराने वाली ईसाई संस्थाओं को कांग्रेस सरकार ने बांटें करोड़ों, RTI से खुलासा, हड़कंप
ईसाई धर्म को बढ़ावा देने के लिए विदेशों से भारत में जड़ जमाने के लिए तमाम मिशनरीज संचालित हैं। ये हिंदु व दूसरे धर्म के लोगों को तमाम तरह के खैरात बांटकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं। इसके लिए ये मिशनरीज उनके धर्म की बुराइयां आदि करती हैं।
RTI से यह खुलासा हुआ कि कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक में सिद्धरमैया की सरकार ने बीते कुछ समय में ईसाई संस्थाओं को करोड़ो रुपये दान किए हैं. इससे सवाल उठता है कि क्या कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ईसाई धर्म को बढ़ावा दे रही है. ये पैसे राज्य मे बने चर्च की मरम्मत और सुंदरीकरण के नाम पर दिए गए हैं. इसके अलावा बड़ी रकम नए चर्च और क्रिक्ष्चियन कम्युनिटी हॅाल बनाने के लिए दी गई है . किसी भी सेकुलर देश मे कोई सरकार धार्मिक संस्थाओं को पैसा नहीं दे सकती. यह संविधान की मूल भावना का उल्लंघन हैं. खुद को सेकुलर पार्टी बताने वाली कांग्रेस में कहीं ऐसा तो नहीं कि ईसाई संस्थाओं की जेब भरने का काम आलाकमान के इशारो पर ही हो रहा है. ईसाई धर्म को बढ़ावा देने का एजेंडा ? 26 मार्च को RTI के तहत 4 सवाल पूछे गए . ये सवाल सरकारी आदेश नंबर - MWD318MD2011 दिनांक 16/01/2012 के हवाले से राज्य अल्पसंख्यक विभग की तरफ से चर्च को दिए जा रहे फंड के बारे में था. Q1. चर्च की मरम्मत के लिए सरकार की तरफ से साल दर साल कितना फंड दिया गया ? Q2. उन ईसाई संस्थाओं के नाम और पते बताएं जिन्हें मरम्मत के नाम पर सरकार से पैसे मिले हैं Q3 नए चर्च बनाने पर साल दर साल राज्य सरकार ने कितने पैसे जारी किए ? Q4.उन ईसाई संस्थाओं के नाम और पते बताएं जिन्हें नएचर्च बनाने के लिएपैसे दिए गए ?
चर्च के लिए खोला सरकारी खजाना 2013-14 में कर्नाटक सरकार ने राज्य के 134 गिरिजाघरों को 12.30 करोड़ रुपये दिए. इसके अलावा 6.72 करोड़ रुपये क्रिक्ष्चियन कम्युनिटी सेंटर बनाने के लिए दिए गए. इन कम्युनिटी सेंटरों में ही धर्मांतरण का ज्यादातर काम होता है 2014-15 में यह फंडिग और बढ़ गई . इस दौरान 125 चर्चों को 16 .56 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से दिए गए. इसी तरह 55 ईसाई समुदाय भवन बनाने के लिए करीब 15 करोड़ रुपये बांटे गए. 2015-2016 में चर्च की मरम्मत पर 15 करोड़ रुपये बांटे गए. इस दौरान कम्युनिटी सेंटर बनाने के खर्च का ब्योरा नहीं दिया गया. साल दर साल चर्च की फंडिंग बढ़ती गई तीन साल के अंदर कांग्रेस सरकार ने चर्च को बांटे करोड़ो रुपये. अमेरिका जैसे दुनिया के बड़े - बड़े ईसाई देशों में भी सरकारें चर्च बनाने या मरम्मत करने के नाम पर एक भी पैसा नहीं देती. कई देशों में ऐसा करना गैर-कानूनी है. सेकुलर देश होने के नाते भारत मे भी कोई सरकार किसी धर्म धर्म के पूजास्थल बनाने या मरम्मत के लिए पैसे नहीं दे सकती . जहां तक कर्नाटक सरकार का सवाल है उसने राज्य कई हिंदू मंदिरों की करोड़ो की संपत्ति सील कर रखी है. राज्य के सैकड़ो साल पुराने मंदिरों की हालत बेहद जर्जर होती जा रही है. कैसे अपनी जड़े जमाती हैं इसाई मिशनरियां ईसाई धर्म को बढ़ावा देने के लिए विदेशों से भारत में जड़ जमाने के लिए तमाम मिशनरीज संचालित हैं। ये हिंदु व दूसरे धर्म के लोगों को तमाम तरह के खैरात बांटकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं। इसके लिए ये मिशनरीज उनके धर्म की बुराइयां आदि करती हैं। हिंदुओं में छुआछूत व जातिवाद की भावनाओं के नाम पर भड़काकर अपने पाले में लाने की कोशिश करती हैं।
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पीएम की होर्डिंग पर कालिख, टुच्ची हरकतों से उप्र जीतने की कोशिश में कांग्रेस
उत्तरप्रदेश में चौथे नंबर की पार्टी बन चुकी सोनिया गांधी की पार्टी विधानसभा चुनाव के पहले टुच्ची हरकतों पर उतर आई है. राजधानी लखनऊ में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डॉ़ निर्मल खत्री की अगुआई में कार्यकर्ताओं ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की होर्डिंग पर कालिख पोती. अभी यह पता चलना बाक़ी है कि प्रदेश अध्यक्ष खत्री के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने यह शर्मनाक हरकत कांग्रेस आलाकमान यानी सोनिया-राहुल के कहने पर की या कांग्रेस के रणनीतिकार बने प्रशांत किशोर के सुझाव पर. डीजल पेट्रोल के दाम बढ़ने और कांग्रेस नेताओं के नाम पर चल रही योजनाओं के नाम बदलने के विरोध में कांग्रेसियों ने रविवार को प्रदर्शन करते हुए शहर के सदर क्रॉसिंग पेट्रोल पंप पर यह कुकृत्य किया. लखनऊ में जिला इकाई द्वारा किए गए प्रदर्शन की अगुआई डॉ़ निर्मल खत्री ने की. शहर कांग्रेस कमिटी के नेतृत्व में शहरी इलाकों के सभी वार्डों में प्रदर्शन हुए. डॉ़ निर्मल खत्री ने कहा, भारत के पहले पीएम प़ं जवाहर लाल नेहरू, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री स्व़ राजीव गांधी के नाम पर चलाई जा रहीं यूपीए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का नाम हटवाकर मोदी सरकार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचारकों के नाम पर रख रही है. यह आपत्तिजनक है. अलीगढ़ में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला फूंककर विरोध किया. प्रदेश कांग्रेस द्वारा जानकारी दी गई है कि तमाम जिलों में रविवार को विरोध प्रदर्शन हुआ जबकि कुछ जिलों में सोमवार को विरोध प्रदर्शन होगा.
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भ्रष्टाचार में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज उत्तराखंड का नाम!
उत्तराखंड सरकार का भ्रष्टाचारी रूप अब गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। उत्तराखंड सरकार का कथित फर्जी विदेशी कंपनियों के साथ 3300 करोड़ रुपये का करार हुआ था।यह करार इन्नोवेटिव गवर्नमेंट कैटेगिरि में दर्ज नामित हुई हैं। यह प्रयास आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनूप नौटियाल द्वारा किया गया था।
आप नेता नौटियाल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को पत्र लिखकर यह स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामले में उत्तराखंड लगातार ऊंचाई पर पहुंच रहा है। आज यह टॉप पर पहुंच चुका है।
आपदा घोटाला, शराब घोटाला, स्मार्ट सिटी घोटाला आदि घोटालों ने उत्तराखंड को शर्मसार करने का काम किया है। यही कारण है कि गिनीज़ वर्ल्ड द्वारा कथित दो विदेशी कंपनियों के साथ हुए उत्तराखंड सरकार के करार को नवोनमेषी सरकारी भ्रष्टाचारी की श्रेणी में रखा गया है।
गिनीज़ से यह अपील इसलिए की गई चूंकि आप द्वारा पूर्व में मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र का उत्तर नहीं मिला। आप नेता ने कहा है कि इतना होने पर मुख्यमंत्री चुप्पी तोड़ेंगे और पूर्व में भेजे गए पत्रों का जवाब देंगे। हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमाराफेसबुक पेजऔर आप हमेंट्विटरपर भी फॉलो कर सकते हैं |
मोदी सरकार की 50 बड़ी योजनायें,जिनका लाभ सीधा जनता को मिल रहा है
*मोदी सरकर के दो साल का रिपोर्ट कार्ड खुद पढ़िए लोगो को भी पढ़ाइये* दो साल में अनेको योजनाओं की शुरुआत की गयी है जिनका लाभ सीधा भारत की जनता को मिल रहा है। *1-प्रधानमंत्री जन धन योजना* *2-प्रधानमंत्री आवास योजना** *3-प्रधानमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना* *4-प्रधानमंत्री मुद्रा योजना* *5-प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना* *6-प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना* *7-अटल पेंशन योजना* *8-सांसद आदर्श ग्राम योजना* *9-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना* *10-प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना* *11-प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजनाये* *12-प्रधानमंत्री जन औषधि योजना* *13-मेक इन इंडिया* *14-स्वच्छ भारत अभियान* *15-किसान विकास पत्र* *16-सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम* *17-डिजिटल इंडिया* *18-स्किल इंडिया* *18-बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना* *20-मिशन इन्द्रधनुष* *21-दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना* *22-दीन दयाल उपाध्याय* *ग्रामीण 23-कौशल्या योजना* *24-पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते योजना* *25-अटल इनोवेशन मिशन फंड * 26-अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत योजना)* *27-स्वदेश दर्शन योजना* *28-पिल्ग्रिमेज रेजुवेनशन एंड स्पिरिचुअल ऑग्मेंटशन ड्राइव (प्रसाद योजना)* *29-नेशनल हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड ऑग्मेंटशन योजना (ह्रदय योजना)* *30-उड़ान स्कीम* *31-नेशनल बाल स्वछता मिशन* *32-वन रैंक वन पेंशन (OROP) स्कीम* *33-स्मार्ट सिटी मिशन* *34-गोल्ड मोनेटाईजेशन स्कीम* *35-स्टार्टअप इंडिया, स्टन्डप इंडिया* *36-डिजिलोकर* *37-इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम* *38-श्यामा प्रसाद मुखेर्जी* *रुर्बन मिशन* *सागरमाला प्रोजेक्ट* *39-‘प्रकाश पथ’ – ‘वे टू लाइट’* *40-उज्वल डिस्कॉम असुरन्स योजना* *विकल्प स्कीम* *41-नेशनल स्पोर्ट्स टैलेंट सर्च स्कीम* *42-राष्ट्रीय गोकुल मिशन* *43-पहल – डायरेक्ट बेनिफिट्स ट्रांसफर फॉर LPG (DBTL) कंस्यूमर्स स्कीम* *44-नेशनल इंस्टीटूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (नीति आयोग)* *45-प्रधानमंत्र खनिज क्षेत्र कल्याण योजना* *46-नमामि गंगे प्रोजेक्ट* *47-सेतु भारतं प्रोजेक्ट* *48-रियल एस्टेट बिल* *49-आधार बिल* *50-क्लीन माय कोच* *51-राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान – Proposed* *52-प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना* ★ 1भी घोटाला मोदी सरकार के किसी मंत्री ने किया नही है। और सबसे महत्वपूर्ण है की 2 साल में पारदर्शी एडमिनिस्ट्रेशन दिया। ★ ना पैसा लिया ना लेने दिया जो चरितार्थ करता है की, "ना खाऊंगा ना खाने दूंगा।" ★ कई ऐसे घोटाले जो की UPA के समय में बाहर नही आये थे वो अब बाहर आ रहे है। ★ CBI, IB, NIA को स्वायत्त रूप से काम करने की छुट दी गई है। ★ प्रमाणिक और विद्वान रक्षा मंत्री पाकर भारतीय आर्मी का मोरल सबसे ऊपर है। ★युवा और महिलाओ की क्षमता को पहचाना और देश के विकास में उनकी सहभागीता बढ़ाने का अभिनव प्रयास किया। ★ भारतीय योग को विश्व में पहचान दिलाई और आयुष मंत्रालय द्वारा हमारे प्राचीन औषधीय वनस्पति शास्त्र को नई वैश्विक पहचान दी। ●●●●फरवर्ड कीजिये दोस्तों आइये इसे पापियो के मुह पर चिपकाए और एक सच्चे भारतीय का हौसला बढ़ाये।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि राजग के दो साल के कार्यकाल में अब तक 37 हजार करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार रुका है। ये सिर्फ दो साल के लिए नहीं है, ये हर साल बचेगा। उन्होंने कहा कि दो साल बाद सरकार में नया विश्वास पैदा हुआ है। पिछली सरकार भ्रष्टाचार से संक्रमित थी, लेकिन हमारे सत्ता में आने के बाद इसको खत्म करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि पिछली और मौजूदा सरकार के काम को परखेंगे तो पता चलेगा कि बदलाव कितना बड़ा हुआ है।
मोदी सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर नई दिल्ली के इंडिया गेट पर आयोजित कार्यक्रम नई सुबह में उन्होंने कहा कि लोग अब कहते हैं कि इतना काम करने के बाद भी विरोध क्यों होता है। उन्होंने कहा कि जिनकी जेब में 36000 करोड़ जाता था, जो रोक दिया गया वह मोदी को गाली नहीं देगा तो क्या देगा।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बहुत ही व्यवस्थित तरीके से एक के बाद एक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकार में क्या हुआ और आज क्या हुआ इसकी तुलना जरूरी है। दो साल पहले तक पूर्व की सरकार भ्रष्टाचार के खबरों से घिरी हुई थी।
मोदी ने कहा, मुद्दों के आधार पर तथ्यों के आधार पर हर काम का कठोरता से मूल्यांकन लोकतंत्र के लिए आवश्यक है, लेकिन कहीं हम ऐसी गलती न कर दें जो बिना कारण देश को निराशा की गर्त में धकेलने का प्रयास करे। मोदी ने कहा कि एलईडी बल्ब के कारण देश में 20 हजार मेगावाट बिजली की बचत हुई है। एलईडी बल्ब की कीमत घटकर 60-70 रुपए तक आ गई है।
उन्होंने कहा कि फर्जी केरोसीन तेल लेने वालों के नाम सामने आए, अकेले एक राज्य से इस ओर कई सौ करोड़ रुपए बचा। फर्जी टीचर पर वेतन के लिए पैसे जाते थे। हमने अब तक एक करोड़ 62 लाख फर्जी राशन कार्ड का पता लगाया। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम से भ्रष्टाचार खत्म हुआ।
उन्होंने कहा कि अकेले रसोई गैस में इतने फर्जी नाम निकले कि करीब करीब 15 हजार करोड़ रुपया बचा लिया गया। मोदी ने कहा कि देश को भ्रष्टाचार ने दीमक की तरह भीतर से खोखला कर दिया।
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जो कहते हैं मोदी ने कुछ नहीं किया वो खबर पढ़कर शर्म से डूब मरेंगे
प्रधानमंत्री मोदी ने आज इंडिया गेट से एक नयी सुबह के कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने बहुत की बारीकी से देशवासियों को अपने कामकाज से रूबरू कराया। कुछ लोग जो कह रहे हैं कि मोदी से दो वर्षों में कुछ नहीं किया वो लोग इस खबर को पढ़कर शर्म से डूब मरेंगे। खासकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता देश में नकारात्मकता फैलाने के लिए कह रहे हैं कि मोदी ने दो वर्षों में कुछ नहीं किया। आज मोदी ने बहुत ही इत्मीनान से बताया कि उन्होंने दो वर्षों में क्या किया है और उनके कामकाज से देश कैसे बदल रहा है, देश कैसे आगे बढ़ रहा है।
मोदी ने कहा कि जनता जनार्दन के हमपर दिनों दिन आशीर्वाद बढ़ते जा रहे हैं तो हमारे काम का उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मै उन लोगों के लिए कुछ नहीं कह सकता जिसका राजनीतिक रूप से विरोध करना अनिवार्य होता है। उन्होंने कहा कि उनका विरोध करना स्वाभाविक भी है और लोकतंत्र में ऐसी बातें चलती रहती हैं।
उन्होंने कहा कि देश ने पिछले 15 दिन में दो बातें स्पष्ट देखी हैं – एक तरफ विकासवाद है तो दूसरी तरफ विरोधवाद है, विकासवाद और विरोधवाद के बीच में जनता जनार्दन दूध का दूध और पानी का पानी करके क्या सत्य है और कितना सत्य है इसको भली भाँती नाप सकती है।
मोदी ने कहा कि विरोध की अनेक बातें हो रही हैं जिन्हें वे दोहराना नहीं चाहते लेकिन चिंता इस बात की जरूर होती है कि मुद्दों के आधार पर, हकीकतों के आधार पर, हर काम का कठोर तरीके से मूल्यांकन होना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है लेकिन कहीं हम ऐसी गलती ना कर दें जो देश को बिना कारण निराशा की गर्त में धकेलने का प्रयास करती है।
उन्होंने कहा कि कहीं कहीं पर ये बातें सामने आती हैं जिनमें हकीकतों का कोई आधार नहीं होता है, लेकिन उसपर इस प्रकार की स्थितियां सवार हो जाँय, ये कभी कभी चिंता पैदा करती हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के कामकाज का लेखा जोखा पुरानी सरकारों के कामकाज के सन्दर्भ में होता है, पहले क्या होता था, अब क्या हो रहा है, इसका तुलनात्मक अध्ययन होता है, अगर हम बीती हुई सरकारों की बातों को भुला दें और अचानक ही चीजों की चर्चा शुरू कर दें तो सही मूल्यांकन नहीं हो सकता।
कोयले की समस्या से देश को बाहर निकालना छोटा काम नहीं था: मोदी
उन्होंने कहा कि अगर हम यह कहें कि हमने कोयले की समस्या को हल कर दिया। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि अगर अचानक ही सुप्रीम कोर्ट कोयले की खदानों के लाइसेंस रद्द कर दे और बिजली के कारखानों में कोयले का संकट पैदा हो जाय तो क्या होगा।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटना जिसमें पूरी सरकार जो कोयले के भ्रष्टाचार के कारण बदनामी भुगत चुकी हो, दो वर्ष पहले कोई अख़बार, कोई टीवी, कोई चैनल, कोई चर्चा, कोई भाषण और कोई दिन ऐसा नहीं था जिसमें भ्रष्टाचार की बातें ना बोली जाती हों।
उन्होंने कहा कि हमने कोयले की पारदर्शी तरीके से नीलामी की, अब तक इसपर कोई सवालिया निशान नही लगा है, देश के खजाने में लाखों करोड़ रुपये आना तय है, राज्यों के खजाने में भी पैसा जा रहा है, इसके अलावा कोयले की खदानों के आसपास गरीब आदिवासी रहते हैं, उनके कल्याण के लिए फण्ड निकलने वाला है। उन्होंने कहा कि यह सभी बातें अगर मै ऐसे ही कह दूँ तो लगता है कि चलो भाई मोदी ने यह काम कर दिया लेकिन इसकी ताकत तब समझ में आती है जब आप सोचते हैं कि सुप्रीम कोर्ट को ऐसा क्यों करना पड़ा था, कोयले में इतना बड़ा भ्रष्टाचार क्यों हुआ था, वो कौन से तरीके थे जिसमें जमकर लूट हुई थी और उसमें से देश को बाहर लाना, तब जाकर समझ में आता है कि काम कितना बड़ा हुआ है, काम कितना महत्वपूर्ण हुआ है।
हमने भ्रष्टाचार के दीमक को ख़त्म कर दिया: मोदी
उन्होंने कहा कि जब तक हम बीती हुई सरकार के दिनों को स्मरण करके वर्तमान के निर्णयों को परखेंगे तो हमें ध्यान आएगा कि बदलाव कितना बड़ा आया है। इस बात से कौन इनकार कर सकता है कि दीमक की तरह भ्रष्टाचार ने इस देश को अन्दर से खोखला कर दिया है, तबाह कर दिया है, हमारे हर सपने को चूर चूर करने की ताकत अगर किसी दीमक में है तो उसका नाम भ्रष्टाचार है।
मोदी ने कहा कि मैंने भ्रष्टाचार के खिलाफ बहुत ही सटीक तरीके से एक के बाद एक कदम उठाकर हिन्दुस्तान के जन मन को आंदोलित करने वाला ठोस प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि जब आप इनकी गहराई में जाओगे तो चौंक जाओगे।
जो बेटियां पैदा भी नहीं होती थी उसे विधवा बनाकर पेंशन दिया जाता था
मोदी ने कहा कि आप कल्पना कर सकते हो कि देश कैसे चला है, वो बेटी जो कभी पैदा भी नहीं हुई है, देश की सरकारों की फाइलों में वह बेटी विधवा भी हो जाती है और उस विधवा बेटी को पेंशन भी मिलना शुरू हो जाती है और उसे वर्षों तक पेंशन मिलती रहती है। उन्होंने कहा कि कभी ऐसे भ्रष्टाचारों की चर्चा भी नहीं होती।
फर्जी गैस कनेक्शन ख़त्म करके 15 हजार करोड़ रुपये बचाए
उन्होंने कहा कि हमने जब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर (DBT) के अंतर्गत रसोई गैस की सब्सिडी डायरेक्ट पहुँचाना शुरू किया, उसे जनधन और आधार कार्ड से लिंक किया तो बहुत ही गहरा राज सामने आया। उन्होंने कहा कि देशवासियों को जानकार हैरानी होगी कि अकेले रसोई गैस में इतने फर्जी नाम मिले, इतने फर्जी सिलेंडर दिए गए कि सुनकर पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। उन्होंने कहा कि जब हमने इन फर्जीवाड़े को ख़त्म किया तो करीब करीब 15 हजार करोड़ रूपया, जिसपर आपका हक था उसे हमने बचा लिया।
मोदी ने कहा कि अगर किसी के यहाँ रेड हो जाय और उसके यहाँ से 50 करोड़ रुपये भी मिल जाँय तो सभी अख़बारों में बड़ी हेडलाइन बन जाती है लेकिन हमने बड़ी मेहनत करके और योजना बनाकर देश के 15 हजार करोड़ बचा लिए जिसे देखकर मेरा देश कहेगा कि मोदी आपने सही काम किया।
मोदी ने कहा कि आपको हैरानी होगी कि राशन कार्ड जिससे गरीबों के लिए सस्ते में अनाज मिलता है, कैरोसीन आयल मिलना है, उसकी थाली में जब चावल जाता है तो एक किलो पर 27 रूपया भारत सरकार के खजाने से जाता है और एक रुपये प्रति किलो उससे लिया जाता है लेकिन उस गरीब को यह बात पता नहीं है कि केंद्र सरकार उसके एक किलो चावल पर 27 रुपये खर्च कर रही है।
मोदी ने कहा कि अभी मेरा काम चल रहा है लेकिन जितना हुआ है अबतक, 1 करोड़ 62 लाख से भी ज्यादा फर्जी राशन कार्ड हमने खोजकर निकाले हैं। उन्होंने कहा कि उन राशन कार्डों पर जो भी राशन जाता था वह किसी के घर तो जाता था, कहीं तो बेईमानी होती थी, उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने एक DBT योजना के तहत एक मुहिम चलाई, मुझे बताया गया कि हरियाणा में फर्जी केरोसिन लेने वालों की संख्या 6 लाख निकली। इन 6 लाख लोगों के नाम पर सब्सिडी वाला केरोसिन जाता था, वो कैरोसिन कहाँ जाता होगा, डीजल में मिक्स करने के लिए जाता होगा, प्रदुषण करने के लिए जाता होगा, किसी केमिकल फैक्ट्री में जाता होगा। सरकार के खजाने से हजारों करोड़ रुपये गरीब के नाम से लूट लिया जाता होगा।
मोदी ने बताया कि 6 लाख केरोसिन कार्ड, 1 करोड़ 62 लाख राशन कार्ड फर्जी मिले हैं, अभी हमने इसी योजना के तहत एक राज्य में 540 करोड़ रुपये बचाए हैं, वहां पर फर्जी टीचर के नाम पर 1 हजार करोड़ रुपये की लूट रुक गयी है। ये भ्रष्टाचार हो रहा था लेकिन अब रुक गया है।
मोदी ने कहा कि हजारों करोड़ रूपया केवल एक वर्ष नहीं बल्कि हर वर्ष बचने वाला है। अभी तो यह शुरुआत है, एक नयी सुबह है, आगे तो बहुत कुछ होना है।
मोदी ने बताया कि कुछ लोग मुझसे कहते हैं, मुझे बहुत समझाते हैं कि मोदी जी आप इतना मेहनत करते हैं, काम में लगे रहते हैं तो रोज आपका विरोध क्यों होता रहता है, इतना तूफ़ान क्यों चलता रहता है, आप अपना कोई संपर्क नीति बनाओ, मीडिया से बात करो, अब ऐसे लोगों को मै कैसे समझाऊं कि भाई जिन लोगों की जेब में 36 हजार करोड़ रुपये जाता है उसे मोदी ने बंद करवा दिया तो मोदी गाली नहीं खाएगा तो क्या खाएगा।
मोदी ने कहा कि लूट चलाने वालों को कैसी कैसी परेशानियां होती होंगी इसका अंदाजा हम भली भाँती कर सकते हैं। मै कई ऐसे विषय बताता हूँ जिसमें हमने सटीक तरीके से काम किये हैं जिसका हमें आज परिणाम देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि आप देखिये, पहले LED Bulb कितने रुपये में मिलता था, आज कितने रुपये में मिलता है, कहीं पर 200, 300, 350 रुपये LED की कीमत थी लेकिन आज वह 60, 70, 80 रुपये में आ गया है।
उन्होंने कहा कि अगर हम किसी स्थान पर बिजली का कारखाना लगाएं और हम घोषणा करें कि 2 लाख करोड़ के बिजली के कारखाने लगेंगे, इस घोषणा को करने के बाद हमारे देश के सभी अखबार इसे हेडलाइन बनाएंगे कि मोदी ने बहुत भारी सपना देखा है कि दो लाख करोड़ के बिजली के कारखाने लगायेंगे। कोई यह भी लिखेगा कि मोदी बातें करता है लेकिन रुपये कहाँ से आयेंगे। ऐसी बहुत सी बातें हो सकती हैं लेकिन इस बात की चर्चा नहीं होगी कि LED बल्ब के अभियान के कारण जिन पांच सौ शहरों को हमने टारगेट किया है, अगर हम शत प्रतिशत LED पहुँचाने में सफल हो जाएंगे और हम सफल होने भी वाले हैं, जिन दिन भी यह काम पूरा होगा इस देश में करीबी करीब 20000 मेगावाट की बिजली बचने वाली है जिसका मतलब यह हुआ कि एक लाख करोड़ की बिजली बच जाएगी, मतलब देश का 1 लाख करोड़ रूपया जो बिजली का कारखाना लगाने में खर्च होना था वह बच गया।
उन्होने कहा कि 60-70 रुपये का LED बल्ब क्या कोई न्यूज का विषय हो सकता है क्या, उसमे क्या खबर है जी, न्यूज चैनल नहीं दिखाएगा। उन्होंने कहा कि हम लोग जो तेज गति से बदलाव ला रहे हैं, उसे यह देश अनुभव कर रहा है।
मोदी ने कहा कि पिछले चुनावों में एक चर्चा होती रहती थी कि गैस सिलेंडर 12 होने चाहियें कि 9 होने चाहियें, बड़े बड़े नेता घोषणा करते थे और अख़बारों में हेडलाइन बनती थी कि अब 9 की जगह 12 सिलेंडर दिए जाएंगे। ये नेता 9 सिलेंडर से 12 सिलेंडर करने के वोट मांगते थे। उन दिनों को याद कीजिये जब सांसदों को गैस सिलेंडरों के 25 कूपन मिलते थे और वो 25 कूपन से अपने साथियों और कार्यकर्ताओं को खुश करता था।
उन्होंने कहा कि जिस देश में सांसदों को गैस सिलेंडरों के 25 के मिलते थे उस देश के लोगों से हमने रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ने का आग्रह किया और करीब करीब 1 करोड़ 13 लाख लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ दी।
हमने तय किया है कि आने वाले तीन वर्षों में हम पांच करोड़ लोगों को फ्री गैस कनेक्शन दे देंगे, हमने पिछले वर्ष 3 करोड़ लोगों गैस कनेक्शन दे दिया। जहाँ सांसदों को केवल 25 गैस सिलेंडरों के कूपन मिलते थे और उसे बहुत गर्व होता था उसी देश में हम 5 करोड़ लोगों को फ्री गैस कनेक्शन देने का ऐलान किया है।
मोदी ने कहा कि अगर हमारी पिछली सरकार की तुलना में स्पीड देखी जाय, स्केल देखा जाय, काम करने का ढंग देखा जाय, टार्गेटेड ग्रुप देखा जाय तो समझ में आएगा कि हमने कितना काम किया है और देश में कितना बदलाव आ रहा है।
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