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Sunday, May 15, 2016

सुब्रमणयम स्वामी ने खोला सोनिया गांधी का एक और काला चिट्ठा (देखें विडियो)

सुब्रमणयम स्वामी ने खोला सोनिया गांधी का एक और काला चिट्ठा (देखें विडियो)


 हैलीकाप्टर घोटाले के बाद गांधी परिवार की एक और काली करतूत सामने आई है। गांधी परिवार पर स्ट्रोक पर स्ट्रोक मारने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्य सभा से सांसद सुब्रमणयम स्वामी ने एक और सोनिया गांधी का काला चिट्ठा खोल कर रख दिया है। लगातार गांधी परिवार और सोनिया गांधी को निशाना बना रहे स्वामी ने कहा की सोनिया गांधी की डिग्री नकली है।
इस बात का खुलासा तब हुआ जब चुनाव आयोग को दिये गये हलफ नामें में सोनिया गांधी ने अपने आप को विश्वविख्यात अमेरिकी कैंब्रिज विश्वविद्यालय का अंग्रेजी विषय का डिग्री धारक बताया। स्वामी के कथन के अनुसार जब वो कैंब्रिज विश्वविद्यालय के ईकोनामिक्स का लेक्चर लेने गये , तब वहां जाकर उन्हे ये पता लगा कि सोनिया जिस डिग्री का हवाला चुनाव आयोग को दे रहीं है, वो फर्जी डिग्री है। सोनिया गांधी कभी कैंब्रीज विश्वविद्यालय में पढीं ही नही वो उस विश्वविद्यालय की स्टूडेन्ट रहीं ही नही। कैंब्रिज विश्वविद्यालय को लिखे एक पत्र में भी विश्वविद्यालय ने भी स्वामी के दावो की प्रमाणिकता साबित कर दी। विश्वविद्यालय ने स्वामी के पत्र के जवाब में ये कहा सोनिया गांधी यहां की स्टूडेन्ट कभी नही थी।
उन्होने कहा की पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी इस विश्वविद्यालय में फेल हो गये थे फिर उन्होने लंदन में इम्पोरियम में एडमीशन लिया वहां भी वो फेल हो गई। फिर उन्होने सोनिया से शादी कर ली । सोनिया से शादी करने के बाद उन्हे असफलत ही असफलता हांथ लगी।
स्वामी जी ने जब सोनिया गांधी से डिग्री के विषय में दिये गये झूठे हलफनामें के विषय में सवाव पूछा,तो सोनिया गांधी ने पहले तो मिस प्रींटिंग का बहाना किया फिर टाईपिंग में मिस्टेक बताया। स्वामी जी ने कौमेडी करते हुए कहा कि इस टाईपिंग मिस्टेक को गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करा देना चाहिए। अब देखना यह होगा कि मोदी की असली डिग्री पर भी सवाल ऊठाने वाले केजरीवाल अब सोनिया की नकली डिग्री पर क्या करतें हैं।

देखें  विडियो



Friday, May 13, 2016

‎Agusta और Air India के बाद तीसरा बड़ा Scam, अब नेवी के जहाज खरीद में घिरी यूपीए सरकार...

Agusta और Air India के बाद तीसरा बड़ा Scam, अब नेवी के जहाज खरीद में घिरी यूपीए सरकार...

यूपीए सरकार पर अब अगस्ता वेस्टलैंड डील से भी बड़े घोटाले के आरोप लग रहे हैं. 'आज तक' ने खुलासा किया है कि मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान नेवी के 9 जहाजों की खरीद में सरकारी खजाने को बड़े स्तर पर चूना लगाया गया. 

केंद्र सरकार ने इस डील के तहत इटली की कंपनी द्वारा डिलीवर किए गए दो नौसैनिक टैंकरों की खरीद मामले में जांच के लिए आदेश दे दिए हैं.

नेवी के लिए जहाज की खरीद में यह गड़बड़ी अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे से भी बड़ा घोटाला हो सकता है, क्योंकि शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तत्कालीन यूपीए सरकार ने इटली की कंपनी को विशेष छूट देते हुए इस डील को मंजूरी दी थी.
टैंकरों के सौदे को लेकर उठे बड़े सवाल-

1. यह मामला भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल आईएनएस दीपक और आईएनएस शक्ति के सौदे से जुड़ा हुआ है.

2. इस सौदे को अंतिम रूप देने के लिए साल 2009 में यूपीए सरकार और इंटली की कंपनी के बीच हुआ समझौता जांच के दायरे में है.

3. यूपीए सरकार पर आरोप है कि उसने इटली के कंपनी को डील के लिए नियम से हटकर विशेष छूट दी थी.

4. बताया जाता है कि दोनों टैंकरों के निर्माण में मनमोहन सरकार ने इटली की कंपनी को घटिया किस्म के स्टील इस्तेमाल की छूट दी थी.

5. नेवी के एक अधिकारी ने टैंकरों में घटिया किस्म के स्टील इस्तेमाल किए जाने का मामला उठाते हुए साल 2009 में ही जांच की मांग की थी, लेकिन तब मामला ठंडा पड़ गया था.

6. यूपीए सरकार ने साल 2009 और 2011 में आईएनएस दीपक और आईएनएस शक्ति को इटली की कंपनी से खरीदा था.

7. जब इन टैंकरों की डील हुई थी, तब एके एंटनी रक्षा मंत्री थे.

8. जहाज बनाने वाली इतावली कंपनी पर आरोप हैं कि उसने हथियार बनाने वाले स्टील की जगह कमर्शि‍यल ग्रेड के स्टील का इस्तेमाल किया था. जबकि मनमोहन सरकार ने जानकारी होते हुए भी इसकी इजाजत दी थी.

9. साल 2010 में CAG ने भी इस डील की अलोचना करते हुए सवाल खड़े किए थे. संस्था ने सरकार पर इटली की कंपनी को फेवर करने का आरोप लगाया था.

10. डील में गड़बड़झाला सामने आने के बाद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने जांच कराने के लिए आदेश दे दिए हैं.
गौरतलब है कि साल 2006 में भारत सरकार ने टैंकरों के सौदे के लिए टेंडर जारी किया था. जिसके बाद रूस, 

कोरिया और इटली की कंपनी ने सौदे के लिए टेंडर भरा. टेंडर के मुताबिक, सिर्फ रूस की कंपनी हथियारों में इस्तेमाल होने वाले स्टील से टैंकर निर्माण के लिए तैयार थी. जबकि अचानक नियमों को बदलाव कर 2009 में इटली की कंपनी को टेंडर जारी कर दिया गया.

Tuesday, May 10, 2016

‎Agusta स्कैम के बाद ‪‎Air India Scam‬ सामने आया मतलब कॉग्रेस के लिये बुरे दिन...




एअर इंडिया से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। विमान में चढ़ने वाले यात्रियों की पहचान के लिये उपयोग किया जाने वाला उपकरण 'बायोमीट्रिक फेशियल रिकग्निशन डिवाइस' खरीदी गई थी। ज़ी न्यूज के पास मौजूद एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक यह जरूरत सिर्फ इसलिये पैदा की गई थी, ताकि कमीशन के रूप में रिश्वत ली जा सके। इस संबंध में 24 फरवरी 2006 को एयर इंडिया प्रार्थना प्रस्ताव भी जारी किया था और इस टेंडर के लिए कनाडा की क्रिप्टोमेट्रिक्स सहित 20 कंपनियों ने आवेदन किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक इस टेंडर को हासिल करने के लिये क्रिप्टोमेट्रिक्स ने नाजिर कारीगर नाम के एक व्यक्ति के ज़रिए एयर इंडिया के अधिकारियों को रिश्वत दी थी। नाजिर कारीगर एक कनाडा में रह रहे एक अप्रवासी भारतीय उद्योगपति हैं। एयर इंडिया के के अधिकारियों से कारीगर की मिलीभगत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसके पास एयर इंडिया के इस टेंडर की पूरी कॉपी 28 दिसंबर 2005 को यानि सार्वजनिक होने के करीब दो महीने पहले से ही मौजूद थी। इस दौरान टेंडर की प्रक्रिया में क्रिप्टोमेट्रिक्स को आगे रखने के लिए 4 लाख 50 हजार डॉलर की रिश्वत नाजिर कारीगर के मुंबई के अकाउंट में दी गई। मामले में रिश्वत के लेन-देन के लिये भी कॉन्ट्रैक्ट किया गया था, जिसके मुताबिक 40 लाख डॉलर यानी 26 करोड़ 64 लाख रुपये की रिश्वत तत्कालीन उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल को देना थी। साथ ही यह भी लिखा था कि जैसे-जैसे डील आगे बढ़ेगी उसी हिसाब से रिश्वत के पैसे भी पहुंचाए जाते रहेंगे। हालांकि ये डील अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पाई।

'ज़ी न्यूज' के पास इस घोटाले से जुड़े सैकड़ों कागजात हैं, जिनका गहराई से अध्ययन किया जा रहा है। ऐसे में अभी कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। नाजिर कारीगर ने इस पूरे रिश्वतकांड में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। नाजिर कारीगर ने प्रफुल्ल पटेल से मुलाकात करके रिश्वत पहुंचाने का भी दावा किया है। यह डील करीब 10 करोड़ 50 लाख डॉलर यानी करीब 698 करोड़ रुपये की थी, जिसका 30 प्रतिशत हिस्सा नाजिर कारीगर के जरिये एयर इंडिया के अधिकारियों और पीपी (प्रफुल्ल पटेल) को दिया जाना था।

#‎AgustaWestland‬ स्कैम का मामला शांत ही नहीं हुआ और ये ‪#‎AirIndiaScam‬ और आ गया मतलब आने वाले दिन कॉग्रेस के लिये रोमांचक होने वाले है...