Showing posts with label बिजली. Show all posts
Showing posts with label बिजली. Show all posts

Monday, August 15, 2016

77 करोड़ LED बांटकर देश के 1250000000000 रुपये बचाएंगे मोदी

77 करोड़ LED बांटकर देश के 1250000000000 रुपये बचाएंगे मोदी






नई दिल्ली: 15 अगस्त: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली के लाल किले से भाषण देते हुए सरकार की संस्कृति से देश वासियों का परिचय कराया, उन्होंने कहा कि हमने काम तो बहुत किये हैं जिन्हें अगर मै बताऊंगा तो एक हप्ते का समय लगेगा इसलिए आज मै आपको हमारी सरकार की कार्य संस्कृति के बारे में बताऊंगा।
 modi-on-muftkhor
मोदी ने कहा कि आज हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या बिजली का ना होना और बिजली होने के बाद उसका मंहगा होना है, बिजली के लिए सरकार को बड़े बड़े संयंत्र लगाने पड़ते हैं, बड़े बड़े प्लांट लगाने पड़ते हैं जिसकी वजह से सरकार के हजारों करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं उसके बावजूद भी बिजली मंहगी मिलती है।मोदी ने कहा कि हमारे देश में बिजली की कमी नहीं है, बिजली है लेकिन हम उसका बचत नहीं कर पाते हैं जिसकी वजह से सरकार को भी अधिक बिजली बनानी पड़ती है और ग्राहकों को भी मंहगे दामों में बिजली मिलती है।
मोदी ने कहा कि अगर हम चाहें तो बिजली के अधिक कारखाने बनाकर बिजली पैदा कर दें लेकिन हमारी सरकार का लक्ष्य बिजली बचाना है ताकि ग्राहकों के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध होने के साथ साथ सरकारी खजाने से पैसे की बचत भी की जा सके।
मोदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य पूरे देश में करीब 77 करोड़ LED बल्ब वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, अब तक हमने 13 करोड़ LED बल्ब वितरित कर दिए हैं जिसकी वजह से सरकारी खजाने के करीब 30 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है और ग्राहकों के भी बिल कम आने शुरू हो गए हैं। उन्होंने बताया कि अगर हमने 77 करोड़ LED बल्ब बाँट दिए तो उससे हर साल करीब सवा लाख करोड़ रुपये (1250000000000) की बचत होगी और ग्राहकों की भी महाबचत होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 350 रुपये के एलईडी बल्ब की कीमत घटाकर 50 रुपये की, यह सब टेक्नोलॉजी और हमारी नीतियों के कारण मुमकिन हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने LED की कीमत सस्ती कराई लेकिन हमारी सरकार की वाहवाही नहीं हुई, अगर हम LED बल्ब 350 रुपये में बेचते और ग्राहकों की जेब में सरकारी खजाने से 300 रुपये डाल देते तो हमारी सरकार की वाहवाही हो जाती।
मोदी ने कहा कि हम आप सभी से एलईडी बल्बों का इस्तेमाल करने, ऊर्जा की बचत करने और अपने देश की मदद करने का आग्रह करता हूं।”
मोदी ने संबोधन में कहा कि उन्होंने जब 2014 में सत्ता संभाली थी, तो 18,000 से अधिक गांवों में बिजली नहीं थी।
उन्होंने कहा, “जब हम सत्ता में आए तो हमने यह फैसला किया कि इन गांवों तक एक हजार दिनों के भीतर बिजली पहुंचनी चाहिए। अभी तक आधा ही समय गुजरा है और 10,000 गांवों तक बिजली पहुंच चुकी है।”




हिदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

Monday, August 1, 2016

बीते सप्ताह में 192 गाँवों में पहुंची बिजली, रफ्तार पकड़ रही है मोदी सरकार की योजना

 बीते सप्ताह में 192 गाँवों में पहुंची बिजली, रफ्तार पकड़ रही है मोदी सरकार की योजना


नई दिल्ली | प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत अब तक 9326 गाँवों में बिजली पहुंचा दी गयी है |






 लाइक करें हमारा फेसबुक पेजयोजना के तहत इस हफ्ते 25.31 जुलाई के बीच 192 गांवों का विद्युतीकरण किया गया है जिसमे असम के 10, बिहार के 2, झारखंड के 24, मध्यप्रदेश के 2, मेघालय के 123, नागालैंड के 3, ओड़िसा के 15, राजस्थान के 7, उत्तरप्रदेश के 5, उत्तराखंड का 1 गाँव शामिल है | वहीं इससे पिछले हफ्ता 174 गांवों का विधुतीकरण किया गया था |


स्‍वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के राष्‍ट्र को दिए संबोधन पर 1000 दिन में गाँवो में बिजली पहुँचाने की बात कही थी | जिसके कुछ दिनों बाद पीएम मोदी की अध्यक्षता में इस योजना को मंजूरी दे दी गयी | सरकार ने 1000 दिन के भीतर यानी  01 मई 2018  तक शेष 18452 गैरविद्युतीकृत गांवों में विद्युतीकरण करने का फैसला किया है | अब तक 9326 गांवों का विद्युतीकृत किया जा चुका है | शेष 9126  गांवों में से 501 गांवों में कोई बसा‍वट नहीं हैं | 5694  गांवों तक ग्रिड के माध्‍यम से बिजली पहुंचाई जानी है, भौगोलिक बाधाओं के कारण 2638 गांवों तक ऑफ ग्रिड के माध्‍यम से बिजली पहुंचाई जानी है तथा 293 गांवों का स्‍वयं राज्‍य सरकार द्वारा किया जाएगा |



देशभर के राज्यों के 9326 गांवों में अरुणाचल प्रदेश 325, असम 1627, बिहार 1899, छत्तीसगढ़ 447, हिमाचल प्रदेश के 11, जम्मू कश्मीर 127, झारखंड 1053, कर्नाटक 2, मध्यप्रदेश 304, मणिपुर 88, मेघालय 415, मिजोरम 23, नागालैंड 3, ओड़िसा 1441, राजस्थान 269, त्रिपुरा 10, उत्तरप्रदेश 1373, उत्तराखंड 1, पश्चिम बंगाल 8 गाँव शामिल हैं |



इस परियोजना को अभियान के रूप में शुरू किया गया है और विद्युतीकरण की रणनीति में कार्यान्‍वयन की अवधि 12 महीनों में सीमित करना तथा गांवों के विद्युतीकरण की प्रक्रिया को निगरानी के लिए निश्चित समयावधि सहित 12 स्‍तरों में विभाजित किया गया है |

अप्रैल, 2015  से 14 अगस्‍त 2015 तक 1654 गांवों का विद्युतिकरण किया गया और सरकार द्वारा मिशन मोड में पहल किए जाने के बाद 15 अगस्‍त 2015 से 31 जुलाई 2016 तक 7672 अतिरिक्‍त गांवों का विद्युतिकरण किया गया है |

इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए ग्राम विद्युत अभियंता (जीवीए) के  जरिए  बारीकी नजर रखी जा रही है और नियमित अंतराल पर कई अन्‍य कदम उठाए जा रहे हैं | जैसे आरपीएम बैठक के दौरान  मासिक आधार पर प्रगति की समीक्षा और उन गांवों की सूची को भी राज्‍य की बिजली कंपनियों से साझा किया जा है जहां विद्युतीकरण की प्रकिया जारी है | साथ ही ऐसे गांवों की भी पहचान की जा रही है जहां विद्युतीकरण की प्रक्रिया देरी से चल रही है। |


हिदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |